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17

Jun

दरिंदा, बच्ची से रेप नहीं कर सका तो दांतों से काटा प्राइवेट पार्ट!

कन्नौज. महिलाओं के खिलाफ यौन हिंसा का दरिंदगी भरा मामला यूपी के सीएम अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव के संसदीय क्षेत्र कन्नौज में सामने आया है। यहां एक युवक ने नाबालिग लड़की के साथ रेप करने की कोशिश की। बच्ची के इसका विरोध करने पर वह रेप करने में नाकाम रहा तो पहले उसने लड़की को बुरी तरह से पीटा और उसके प्राइवेट पार्ट सहित शरीर पर कई जगह दांत से काट डाला। मामला तूल पकड़ने पर पुलिस ने उस युवक को गिरफ्तार कर लिया है। (पढ़ें, लेडी टीचर ने ली नाबालिग स्टूडेंट की न्यूड फोटो)

जानकारी के मुताबिक, कन्नौज जिले के गदनपुर बुददू गांव की रहने वाली नाबालिग लड़की के पीछे गांव का ही एक युवक पड़ा हुआ था। शनिवार की देर शाम जब वह शौच करने के लिए खेत की तरफ जा रही थी तो पप्पू नाम का शख्स ने उसे पकड़ लिया और उसके साथ जबरदस्ती करने लगा। लड़की ने उसका विरोध किया तो उसे बुरी तरह से पीटा। इससे उसकी आंख में चोट लग गयी। उस दरिंदे ने पूजा के प्राइवेट पार्ट और गालों पर दांत से काट लिया।

 लड़की किसी तरह अपने घर आई। उसकी हालत देख घर वालों के होश उड़ गए। पीड़िता के पिता के मुताबिक, घटना के बाद वह लड़की को लेकर गांव के ही प्राथमिक अस्पताल ले गए। यहां डॉक्टर ने पेन किलर इंजेक्शन लगा कर चलता कर दिया।

पीड़िता के पिता इसके बाद थाने गए। वहां पप्पू के खिलाफ लिखित तहरीर भी दी, लेकिन पुलिस ने तहरीर लेकर उन्हें कार्यवाही का भरोसा देकर मामला दबाने की कोशिश की। 

थाना प्रभारी संतोष अवस्थी के मुताबिक, आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। पीड़िता को जिला अस्पताल में भर्ती करा कर उसके इलाज का इंतजाम कर दिया गया है।

15

Jun

चैंपियंस ट्रॉफी में धोनी ब्रिगेड ने रचा इतिहास, पहली बार पाक को दी शिकस्त

बर्मिंघम. टीम इंडिया ने चैंपियंस ट्रॉफी में फाइनल से पहले नाक की लड़ाई में पाकिस्तान को आठ विकेट से हराकर इतिहास रच दिया। टीम इंडिया ने बारिश से प्रभावित मैच में डकवर्थ लुईस नियम के मुताबिक मिले 22 ओवर्स में 102 रनों के संशोधित लक्ष्य को दो विकेट खोकर 19 ओवर्स में ही हासिल कर लिया।

 लक्ष्य का पीछा करते हुए शिखर धवन ने 48 रनों की दमदार पारी खेली। विराट कोहली 22 और दिनेश कार्तिक 11 रन पर नाबाद रहे। इस जीत से पहले टीम इंडिया कभी चैंपियंस ट्रॉफी में पाकिस्तान को नहीं हरा पाई थी। साथ ही टीम इंडिया ने ग्रुप स्टेज में अपने तीनों मैच जीत अपराजेय रहने सिलसिले के को भी बरकरार रखा। टीम इंडिया के नए स्विंग स्टार भुवनेश्वर कुमार शानदार गेंदबाजी (19/2) के लिए मैन ऑफ द मैच चुना गया। 

 इससे पहले टीम इंडिया के गेंदबाजों के दमदार प्रदर्शन के आगे बारिश के कारण निर्धारित 40 ओवर्स के मुकाबले में पाक केवल 165 रनों पर ही सिमट गई  और डकवर्थ लुईस मैथड के मुताबिक टीम इंडिया को जीत के लिए 168 रनों का संशोधित लक्ष्य मिला। 

 टीम इंडिया के कप्तान एमएस धोनी ने टॉस जीतकर पाकिस्तान को पहले बैटिंग करने बुलाया। भुवनेश्वर कुमार ने तीसरे ही ओवर में नासिर जमशेद को आउट कर कप्तान के फैसले को सही साबित कर दिया। 

 हालाकि दूसरे विकेट के लिए कामरान अकमल और मोहम्मद हफीज ने 46 रन जोड़कर पारी को संभालने का प्रयास किया लेकिन भुवी ने 13 वे ओवर में हफीज (27) को चलता कर पाक को तगड़ा झटका दे दिया। 

 इसके बाद मैदान पर जलवा दिखाया टीम इंडिया के स्पिनर रविंद्र जडेजा और आर अश्विन ने। जडेजा ने सबसे पहले कामरान अकमल को 21के निजी स्कोर पर कोहली के हाथों लपकवा दिया। 

 19 वे ओवर में जब पाक का स्कोर तीन विकेट पर 70 रन था बारिश आ गई। करीब सवा दो घंटे खेल रुका रहा। इसके बाद मैच 40 ओवर का कर दिया गया। 

 बचे हुए ओवर में तेजी से रन बनाने के चक्कर में पाक के कप्तान मिस्बाह जडेजा की गेंद पर बोल्ड हो गए और असद शफीक इशांत का निशाना बन गए और इसके बाद पाक लड़खड़ा गया और पूरी पारी 165 रनों  पर सिमट गई। रविंद्र जडेजा, आर अश्विन और भुवनेश्वकर कुमार ने दो-दो विकेट लिए।पाक के लिए असद शफीक ने सबसे ज्यादा 41 रन बनाए। 

टीमें इस प्रकार रहीं -

भारत - शिखर धवन, रोहित शर्मा, विराट कोहली, दिनेश कार्तिक, सुरेश रैना, महेंद्र सिंह धोनी (कप्तान), रविंद्र जडेजा, आर अश्विन, इशांत शर्मा, भुवनेश्वर कुमार और उमेश यादव।

पाकिस्तान - नासिर जमशेद, कामरान अकमल, मोहम्मद हफीज, असद शफीक, उमर अमीन, मिस्बाह उल हक (कप्तान), शोएब मलिक, सईद अजमल, वहाब रियाज, जुनैद खान और मोहम्मद इरफान।

08

Jun

जंग जीतने जैसा है तत्काल टिकट हासिल करना: तस्‍वीरों में देखिए, क्‍या-क्‍या सहना पड़ता है

गोरखपुर. रेलवे ने तत्काल टिकट के खेल से दलालों को दूर रखने की चाहे कितनी भी कोशिश कर ली हो, लेकिन उनका खेल बदस्तूर जारी है। दलालों के चलते टिकट न मिलने का खौफ गोरखपुर और आसपास के जिलों के रहने वाले लोगों पर इतना हावी है कि इसके लिए अपनी जान तक देने पर आमादा हैं। गोरखपुर रेलवे स्टेशन के पीआरएस पर रोज खून बहता है। किसी का सर फूटता है, तो किसी की टांग टूटती है, लेकिन अपनों से मिलने की ख्वाहिश में लोग रोज अपनी जान दांव पर लगाते चले जा रहे हैं। कमोवेश यह स्थिति देश के हर रिजर्वेशन काउंटर की है।

 खाकी वर्दी वाले भी यात्रियों की इन परेशानियों का फायदा उठा रहे हैं। एक्स्ट्रा इनकम के चक्कर में वे रोज यहां पहुंचकर दलालों की मदद कर रहे हैं। एक महिला ने तो तत्काल टिकट की चाहत में एक दिन आरपीएफ की हिरासत में काटा। इससे पहले कि हम आपको बताएं कि तत्काल के लिए यह खून क्यों बहता है। हम आपको गोरखपुर में रिजर्वेशन के लिए होने वाली मशक्कत से रूबरू करवा दें। गोरखपुर के पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम सेंटर के गेट पर रोज रात के 11 बजे से लाइन लगनी शुरू होती है। 

 उस वक़्त इक्का दुक्का लोग गेट के आसपास मंडराते हैं। कोई रात भर जागता है, तो कोई सड़क पर ही सो जाता है। सुबह 3 बजे से यहां लोग खड़े होकर लाइन लगाना शुरू कर देते हैं। यह सिलसिला सुबह के 6.30 बजे तक चलता है। यह सारी कवायद सिर्फ एक तत्काल टिकट के लिए होती है। ठीक सुबह 6.30 बजे जैसे ही आरपीएफ का एक सिपाही गेट खोलता है। लोग गेट को धक्का मारते हुए ऐसे दौड़ पड़ते है जैसे कि ओलंपिक्स में 100 मीटर की स्प्रिंट रेस में भाग ले रहे हों।

 इस रेस में कई बार लोग नीचे गिरते हैं, लेकिन तत्काल की चाहत में लोग उन्हें कुचल कर आगे निकल जाते हैं। मुसीबत यहीं ख़त्म नहीं होती सुबह 6.30 से 9 बजे तक खड़े होने के बाद ही टोकन सिस्टम से लोगों को नंबर मिलते हैं। दैनिकभास्कर.कॉम की टीम को जब इस जानलेव रेस की खबर लगी तो हकीकत जानने की कोशिश की गई। वहां पहुंचते ही इसका कारण समझ में आ गया। 

 चारों तरफ से लॉक्ड रिजर्वेशन सेंटर कैंपस पहले से ही चार खाकी वर्दीधारी ‘मेहमान’ बैठे थे। इन मेहमानों के अलावा कई ‘मित्र’ दलाल कैंपस के पिछले दरवाजे से घुसने की ताक में बैठे थे। एक दलाल रिजर्वेशन सेण्टर के बगल में कड़ी ट्रेन की एसएलआर बोगी में जा छुपा था। जैसे ही हमने कैंपस के अन्दर कंटीले तारों को लांघकर प्रवेश किया, खाकी वर्दीधारी मेहमान उठ खड़े हुए और लाठी पीटने का नाटक करने लगे।लाठी पीटने के चलते उनके द्वारा अन्दर चोर रास्ते से घुसाए हुए मित्र कैंपस के बहार जाने लगे। 

इस बीच आरपीएफ की टीम भी आ गयी और लाठी पटक कर अन्दर घुसे लोगों को भगाया जाने लगा। इसी बीच एक आर्प्पीफ़ के जवान ने बड़ी सावधानी से गेट खोला और शुरू हो गयी तत्काल की दौड़। इस दौड़ में महिलाएं भी शामिल थीं। लोग एक दुसरे को रौंदते हुए आगे निकलने लगे। देखते ही देखते जो हाल खाली था वह अगले 5 मिनट में खचाखच भर गया। 

खाकी वर्दीधर्री अपनी वर्दी का रौब जमाते हुए 815, 816 और 817 नंबर के काउंटर पर खड़े लोगों को हटाकर सबसे आगे खड़े हो गए। जिन लोगों ने वर्दीधारियों ने भागे था वे दैनिकभास्कर.कॉम का कैमरा देख हमारे पास आगये और हमसे अपन्द दर्द बांटने लगे। इसी बीच हमसे वह महिला भी मिली जिसके पिता गुवाहाटी में बीमार हैं और पिछले 3 दिनों से एक तत्काल टिकट पाने की कोशिश कर रही है। 

इस महिला का गुरुवार को आरपीएफ ने चालान कर दिया था क्योंकि तत्काल के चक्कर में इस महिला की नोकझोंक आरपीएफ की महिला कांस्टेबल से हो गई थी। इस महिला को 2500 रुपये का जुर्माना भरने के बाद हिरासत से मुक्ति मिली।

छह पन्‍ने का 'सुसाइड नोट' लिख गई थी जिया खान, प्‍यार में धोखे से थी परेशान

पंखे से लटक कर आत्महत्या करने वाली बॉलीवुड अभिनेत्री जिया खान के परिजनों को उसके हाथ का लिखा छह पन्नों का एक नोट मिला है। इसमें जिया ने अपनी मौत की वजह बिखरते प्यार को बताया है। जिया का यह नोट उसकी मां और बहन को मिला जब वह उसके कमरे में पड़ा सामान खंगाल रहे थे। यह नोट अंग्रेजी में लिखा गया है।

 जिया की मां राबिया खान का कहना है कि इसे जिया ने ही लिखा है। परिवार के करीबी सूत्रों के मुताबिक जिया खान कविताएं लिखा करती थीं। उसकी कविताएं ढूंढने के लिए उसके परिजन उसका सामना खंगाल रहे थे तो उन्हें यह नोट हाथ लगा। इसमें जिया ने लिखा है. जब तक तुम्हें यह लेटर मिलेगा तब तक शायद मैं इस दुनिया में नहीं रहूंगी। सलमान खान इन दिनों जिया खान के ब्वॉयफ्रेंड सूरज पंचोली के साथ फिल्म बना रहे हैं। इसे लेकर भी जिया खान तनाव में थी। 

परिवार वालों ने यह लेटर मिलने के बाद पुलिस को इसकी सूचना दी और मामले की जांच कर रहे अधिकारियों के मांगने पर लेटर की एक कॉपी उन्हें सौंपने को तैयार हो गए हैं। परिजनों का कहना था कि उन्होंने असली लेटर इसलिए नहीं दिया ताकि उसका कोई गलत इस्तेमाल न हो सके और असल कॉपी एक सबूत के तौर पर उनके पास रहे। जिया खान के सुसाइड लेटर के बारे में एक पुलिस अधिकारी का कहना था कि वे इसकी जांच करने के बाद ही इस पर कुछ कहेंगे। इस लेटर की हैंडराइटिंग के विशेषज्ञों से जांच कराई जाएगी कि क्या इसे जिया खान ने ही लिखा था?  

लेटर में लिखा है, तुमने मुझे धोखा दिया..मुझे इस रिश्ते पर भरोसा था….लेकिन तुम्हें इस रिश्ते की कोई परवाह नहीं थी। हालांकि यह साफ नहीं हो सका है कि जिया ने अपने लेटर में ये बातें किसके लिए लिखी हैं? अभी यह भी साफ नहीं है कि जिया यह लेटर किसी को भेजना चाहती थी या उसने इसे सुसाइड नोट के तौर पर लिखा था। जिया ने इस लेटर में गोवा में हुई एक पार्टी के बारे में भी लिखा है। इसके अलावा उसने रिलेशनशिप के दौरान एक मेडिकल प्रोसीजर का भी जिक्र किया है। परिवार के एक करीबी सूत्र का कहना था कि जिया रिश्ते में ठगी हुई सी महसूस कर रही थी। इस रिश्ते से उसके जीवन में तनाव आ गया था। लेकिन वह पहले से ऐसी नहीं थी। वह तनाव में रहने वाले लोगों में से नहीं थी। जिया ने अपने लेटर में यह भी खुलासा किया है कि उसने अपने पार्टनर पर काफी पैसे खर्च किए थे।  

वह अपने पार्टनर के साथ रिश्ते में आई खटास की वजह से तनाव में थी। परिवार के करीबी सूत्र का कहना था कि शायद रिश्ते में तनाव की वजह से ही उसने एक बार खुदकुशी की कोशिश की थी और उसमें असफल रहने पर उसने मेडिकल प्रोसीजर की मदद ली थी। सूत्र का कहना था कि जिया के परिजन उसके दोस्तों की मदद से उस अस्पताल को तलाश करने की कोशिश कर रहे हैं जिसमें जिया ने अपना इलाज कराया था। 

एक दिन पहले ही जिया खान की मां राबिया खान ने एक इंटरव्यू में कहा था, ‘मेरी बेटी काम की वजह से डिप्रेशन में नहीं थी। वह बिलकुल ठीक थी। उनका कहना था कि कहा, ‘जिया काफी गंभीर और साफदिल इंसान थी। उसे चालाकी नहीं आती थी। उसे झूठ बर्दाश्त नहीं था। उसे उसने धोखा दिया जिससे वह सबसे ज्यादा प्यार करती थी। राबिया खान का कहना था कि वह किसी से बदला लेने के लिए ऐसा नहीं कह रही हैं। सच्चाई यह है कि उसने गलत इंसान से प्यार किया था।

जिया की मौत के बारे में उनकी दोनों बहनों करिश्मा और कविता का कहना है कि उनकी बहन प्यार में नाउम्मीद हो चुकी थी। वह प्यार को काम से भी ऊपर रखती थी। उसने जिस इंसान से प्यार किया उसी इंसान ने उसे चोट पहुंचाई। जिया का जनाजा उठने के दिन उसके घर पर आदित्य पंचोली के परिवार के नहीं होने पर करिश्मा ने बताया कि उनकी मां नहीं चाहती थीं कि वे लोग यहां आएं। लेकिन अगर वे लोग दिल से आना चाहते थे तो उन्हें मां की जगह जिया की बहनों से बात करनी चाहिए थी। करिश्मा कहती हैं, अगर सूरज को जरा भी चिंता होती तो वह ऐसे समय में हमारी मदद के लिए आगे आता न कि अपना मुंह छिपाए फिरता। जिया की मौत से दो दिन पहले राबिया ने सूरज को उनकी बेटी से दूर रहने का मैसेज भी किया था। जिया की मौत के बाद उनका परिवार सोच रहा था कि सूरज खुद आगे आकर सच बताएगा। वह खुलासा करेगा कि उस रात ऐसा क्या हुआ था जिसकी वजह से जिया को मौत को गले लगाना पड़ा। करिश्मा ने बताया कि जिया के चले जाने के बाद उसके फोन पर सूरज की छह मिस्ड कॉल्स पड़ी थीं।

06

Jun

गर्भ में ही पैदा हो गई बच्‍ची: लाखों में एक केस होता है ऐसा, देखिए तस्‍वीरें

वैसे तो हर घंटे छह लोग आत्‍महत्‍या कर लेते हैं, लेकिन बीते दिन से लगातार खुदकुशी की खबरें सुर्खियां बन रही हैं। पहले 25 साल की हीरोइन जिया खान की मौत, उनकी मौत के गम में 12 साल के एक बच्‍चे का जान दे देना, फिर माइकल जैक्‍सन की बेटी की आत्‍महत्‍या की कोशिश (अमेरिका में हर 12वां टीनएजर करता है जान देने की कोशिश)और एक मां द्वारा दो बच्‍चों को मारने के बाद खुद की जान दे देने की घटना। (पढ़ें- कैसे किसी को रोका जा सकता है खुदकुशी करने से)

 पर यह खबर है जिंदगी से जुड़ी। ग्रीस में एक महिला ने गर्भ में ही बच्‍चे को जन्‍म दे दिया। एक डॉक्‍टर ने अपने फेसबुक पेज पर इसकी तस्‍वीरें अपलोड की हैं। इसमें दिखाया गया है कि एक  महिला ने एमनियोटिक थैली में ही बच्‍ची को जन्‍म दिया। डॉक्‍टर ने ऑपरेशन के जरिए बच्‍ची को बाहर‍ निकाला। 

 इस तरह का केस विरले ही सामने आता है। सामान्‍यत: बच्‍चे के जन्‍म से पहले यह थैली अपने आप फट जाती है। इसके ‘वॉटर्स ब्रेकिंग’ कहते हैं। लेकिन इस बच्‍ची के साथ ऐसा नहीं हुआ। ऐसा केस लाखों में एक देखने को मिलता है। डॉक्‍टर का कहना है कि बच्‍ची को कोई खतरा नहीं है लेकिन यह कोई आश्‍चर्य से कम नहीं है। 

 हॉलीवुड एक्‍ट्रेस जेसिका अल्‍बा की बेटी हेवन का जन्‍म भी ऐसे ही हुआ था। आज वह दो साल की है। 

 जिस वक्‍त यह बच्‍ची एमनियोटिक थैली में थी, डॉक्‍टर ने पूरे पल को रिकार्ड कर लिया था। डॉक्‍टर कहते हैं कि जब बच्‍ची का जन्‍म हुआ तो वह वैसे ही बर्ताव कर रही थी, जैसा कि वह मां के गर्भ में करती थी। इसके पीछे मुख्‍य कारण यही रहा कि एमनियोटिक थैली फटी नहीं थी। इसलिए उसे यह अहसास ही नहीं हुआ कि वह पैदा हो चुकी है। 

 मां के गर्भ के भीतर एमनियोटिक थैली में ही अजन्‍मा बच्‍चा सुरक्षित रहता है। यह थैली कई प्रकार के द्रव्‍य  से भरी रहती  है। इसी में बच्‍चा बढ़ता रहता है। थैली में द्रव्‍य भरा रहने के कारण अजन्‍मा बच्‍चा इसी में तैरता और हिलता डुलता रहता है।

जब कोई औरत गर्भवती होती है तो उसके गर्भ के अंदर एमनियोटिक थैली में अजन्‍मे बच्‍चे का विकास होता है। यह थैली विभिन्‍न प्रकार के द्रव्‍य से भरी रहती है। जिसके मदद से बच्‍चा खुद का विकास करता रहता है। इस थैली में भरे द्रव्‍य के कारण बच्‍चा इसमें सुरक्षित हिलता ढुलता रहता है। उसे यहां किसी भी प्रकार की चोट नहीं लग पाती है। नौ महीने की अवधि के बाद यह थैली अपने आप फट जाती है और बच्‍चा सुरक्षित बाहर आ जाता है।  

हॉलीवुड एक्‍ट्रेस जेसिका अल्‍बा की बेटी हेवन का जन्‍म भी ऐसे ही हुआ था। आज वह दो साल की है।  बेटी के जन्‍म के बाद जेसिका ने मीडिया से बात करते  हुए कहा था कि उस वक्‍त डॉक्‍टरों ने इससे पहले कभी ऐसी घटना नहीं देखी थी। उन्‍होंने नर्स को बुलाया और कहा, देखो यह क्‍या है ? डॉक्‍टर मेरी जन्‍मी बेटी के बारे में बात कर रहे थे। मैं बेटी को जन्‍म देने की प्रक्रिया के बीच में थी। डॉक्‍टरों ने मुझे प्रेशर डालने से रोका और कहा, जब यह थैली फटेगी तो मेरे पूरे कपड़े गंदे हो जाएंगे। अपनी बेटी के नाम के बारे में जेसिका कहती हैं कि हमें इसका नाम नहीं सूझ रहा था। उस वक्‍त उसके पिता ने उसे गोद में लिया और कहा कि यह सुरक्षित स्‍वर्ग के जरिए पैदा हुई है, इसलिए इसका नाम आज से हैवन रखते हैं। 

अमिताभ को करोड़ों का फायदा करवाने वाले मणि ने बनाया खरबों का साम्राज्‍य

नई दिल्ली. क्या आप कई धंधों में फेल होने के बाद 50 हजार रुपये की पूंजी लगाकर हजारों करोड़ रुपये की पूंजी वाली कंपनी खड़ी करने का सपना देख सकते हैं? और फिर अमिताभ बच्चन जैसे महंगे सितारे को अपनी कंपनी के साथ जोड़कर उन्हें भी 6014 फीसदी का मुनाफा दिलवा सकते हैं?

 कारोबार की दुनिया में तेजी से आगे बढ़ रहे वीएसएस मणि ने न सिर्फ ऐसे सपने देखे ही नहीं बल्कि उन्हें हकीकत में तब्दील भी कर डाला है। प्रोडक्ट और सर्विस सर्च कंपनी ‘जस्टडायल’ ने मई में आईपीओ जारी कर बाजार से 905 करोड़ रुपए जुटाए थे। चालू वर्ष में जस्टडायल का आईपीओ सबसे बड़ा रहा। इसके लिए 12 गुना अधिक आवेदन मिले थे। 

गैरज से लेकर स्टॉक एक्सचेंज का सफर 

 लोकल सर्च इंजन कंपनी जस्टडायल के मालिक वीएसएस मणि ने 1996 में महज 50 हजार रुपये की पूंजी, 6 कर्मचारियों, किराए पर लिए कुछ कंप्यूटर, मांग कर लाए गए फर्नीचर के साथ एक गैरज में जस्ट डायल की शुरुआत की थी। तब मणि की उम्र 29 साल थी। उस दौर को याद करते हुए मणि बताते हैं, ‘जब आपके पास पैसे नहीं होते हैं तो आप नई सोच के साथ कारोबार खड़े करने के बारे में सोचते हैं।’ मणि मुस्कुराते हुए कहते हैं, ‘आप जस्टडायल और गूगल के बीच समानताएं देख सकते हैं। लेकिन हमारा जन्म गूगल से पहले हुआ था।’ कंपनी को कामयाबी मिलती गई। 2007 में मणि ने जस्टडायल को इंटरनेट पर लाने का फैसला किया और जस्टडायल.कॉम की शुरुआत की। 5 जून को जस्टडायल की शेयर लिस्टिंग के बाद 611 रुपए पर बंद हुए। यह इश्यू प्राइस से 15 फीसदी ज्यादा है। इससे कंपनी के फाउंडर वीएसएस मणि की दौलत 1,241 करोड़ रुपए बनती है। उनकी कंपनी में 30.28 फीसदी हिस्सेदारी है। आईपीओ में मणि ने अपने हिस्से के 15.57 लाख शेयर बेचे, जिससे उन्हें 87 करोड़ रुपए मिले। 31 मार्च, 2013 तक जस्टडायल के पास 91 लाख ग्राहकों का डेटाबेस है। जस्टडायल.कॉम के मुताबिक 31 दिसंबर, 2012 तक उस वित्तीय वर्ष के पहले नौ महीनों में जस्टडायल ने 26.72 करोड़ लोगों के सवालों के जवाब दिए थे। आप कंपनी की कामयाबी का अंदाजा इसी बात से लगा सकते हैं कि इस समय जस्टडायल में करीब 2700 लोग नौकरी करते हैं। 

नौकरी करते हुए आया धंधे का आइडिया  

 मणि ने 1987 में येलो पेजेस कंपनी यूनाइटेड डेटाबेस इंडिया में नौकरी शुरू की। यहां उन्होंने दो साल नौकरी की। इसी दौरान उनके दिमाग में खयाल आया कि येलो पेजेस की तर्ज पर अगर टेलीफोन पर डेटाबेस दिया जाए तो अच्छा बिजनेस हो सकता है। इसी सोच को हकीकत में तब्दील करते हुए मणि ने कुछ दोस्तों की मदद से ‘आस्क मी’ की 1989 में शुरुआत की। लेकिन वह बिजनेस फ्लॉप हो गया। मणि मानते हैं, ‘आस्क मी का प्रयोग इसलिए नाकाम हो गया क्योंकि उस दौर में सिर्फ एक फीसदी भारतीय टेलीफोन का इस्तेमाल करते थे और अर्थव्यवस्था भी खस्ताहाल थी। हमने जो टेलीफोन नंबर चुना था, वह भी गलत था। आस्क मी तो लोगों की जुबान पर रहता था, लेकिन नंबर किसी को याद नहीं रहता था।’ 

पेट पालने के लिए शादियां तक करवाईं

'आस्क मी' के नाकाम होने के बाद मणि पर परिवार का पेट पालने का दबाव था और उन्हें कुछ जल्दी करना था। इसी दबाव में मणि और उनके दोस्तों ने 50,000 रुपये लगाकर वेडिंग प्लानर बिजनेस चालू किया। उसके बारे में मणि बताते हैं, 'हमने उस धंधे में 2-3 लाख रुपये का मुनाफा कमाया। लेकिन मुझे वह काम कुछ अटपटा लगा और मैंने उससे बाहर आने का फैसला किया। इसके बाद मैं अपने पुराने सपने को पूरा करने में जुट गया।' 1992 से लेकर 1996 तक का समय मणि के लिए बहुत संघर्ष भरा था। मणि जस्टडायल को और जल्दी शुरू करना चाहते थे। लेकिन उनके पास पर्याप्त पूंजी नहीं थी। उन दिनों ओवाईटी के तहत फोन लाइन का खर्च 15,000 रुपये था या फिर आप कुछ साल का इंतजार कीजिए। मणि के पास यह पूंजी भी नहीं थी। मणि ने 3 हजार रुपये लगाकर फोन के कनेक्शन के लिए अप्लाई किया। एक साल बाद उन्हें फोन कनेक्शन मिला और उन्होंने जस्टडायल की शुरुआत की।

बिजनेस मॉडल 

 'आस्क मी' की नाकामी से सीखते हुए मणि ने जस्टडायल की शुरुआत की। लेकिन गलतियां नहीं दोहराईं। बकौल मणि, 'हमने इस बार ब्रैंड नेम की जगह टेलीफोन नंबर पर ध्यान दिया और हमें ऐसा नंबर मिला जिसमें 7 बार 8 आता है। हमने तजुर्बेकार पेशेवरों को नौकरी देने के बजाय कॉलेज के बच्चों को नौकरी दी। इन लोगों ने मुंबई में दुकान-दुकान जाकर सूचनाएं इकट्ठी कीं और फिर उनका एक डेटाबेस तैयार किया। इसके बाद कंपनी ने अपना सॉफ्टवेयर तैयार किया ताकि कुछ ही पलों में डेटाबेस से जरूरी सूचना सामने आ जाए। हम प्रचार नहीं कर सकते थे। इसलिए अपने विज्ञापनदाताओं से कहा कि वे अपने कर्मचारियों से हमारी सर्विस का इस्तेमाल करने को कहें। जहां तक बात आमदनी की है तो जिस दसवें क्लाइंट से हमने बात की थी, वह अपनी सूचना लिस्ट करवाने के एवज में पैसे देने को राजी हो गया था। इसके बाद हमने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।' मणि की कंपनी जस्टडायल यलो पेजेस की तर्ज पर विभिन्न उत्पाद और सेवाएं देने वाली कंपनियों के बारे में सूचनाएं मुहैया कराती है। ऐसी सूचनाएं पहले टेलीफोन के जरिए दी जाती थीं। लेकिन मणि ने अब इनका विस्तार इंटरनेट, प्रिंट और एसएमएस तक कर दिया है।

परिवार की मदद के लिए छोड़ा सीए का इम्तिहान 

 मणि उस सोच को धवस्त करते हैं जिसके मुताबिक कामयाबी के लिए बहुत ज्यादा पढ़ाई-लिखाई और डिग्रियां जरूरी होती हैं। लाखों युवाओं की तरह मणि का कभी सपना सीए बनना था। इसके लिए मणि ने ग्रैजुएशन के साथ सीए का कोर्स शुरू किया। लेकिन कुछ समय बाद परिवार को आर्थिक मदद देने की वजह से उन्हें सीए का इम्तिहान छोड़ना पड़ा और उन्होंने येलो पेजेस के साथ सेल्स मैन का काम शुरू किया। 

अब भी दौलत नहीं, लिस्टिंग की कामयाबी से ज्यादा खुश हैं मणि 

करोड़ों रुपये का कारोबारी ‘साम्राज्य’ खड़ा करने के बाद मणि अभी अपनी दौलत के बारे में नहीं सोच रहे। उन्हें तो जस्ट डायल की लिस्टिंग के रूप में 14 साल की मेहनत का इनाम मिला है। 1999 में उन्होंने लिस्टिंग की तरफ पहली बार कदम बढ़ाए थे। वह इसके लिए छह बार कोशिश कर चुके हैं। अमेरिकी एक्सचेंज नैस्डेक पर लिस्टिंग की उन्होंने दो बार कोशिश की। भारत में भी मणि ने दो बार आईपीओ लाने की कोशिश की। पहली बार अगस्त, 2011 और दूसरी बार इसके साल भर बाद। एक बार तो उनके मन में किसी छोटे एक्सचेंज पर भी कंपनी की लिस्टिंग का ख्याल आया था। उनकी आखिरी कोशिश कामयाब रही और मई में आया आईपीओ कामयाब रहा। जस्ट डायल का 950 करोड़ रुपये का आईपीओ इस साल का सबसे बड़ा इश्यू था। यह किसी भारतीय इंटरनेट कंपनी का भी सबसे बड़ा आईपीओ है। यह 12 गुना ओवरसब्सक्राइब हुआ था। पीई इन्वेस्टर्स को इश्यू में अपने शेयर बेचने पर 850 फीसदी का रिटर्न मिला। सिकोइया कैपिटल ने इस कंपनी में 2009 और उसके बाद 2012 में इन्वेस्टमेंट किया था। इसके एमडी शैलेंद्र सिंह ने बताया, ‘हम जानते थे कि मणि के रूप में हमें स्पेशल फाउंडर मिला है। वह प्रॉडक्ट और यूजर एक्सपीरियंस को बेहतर बनाने के लिए छोटी से छोटी बात पर ध्यान देते हैं।’

04

Jun

कहीं जिया खान के सुसाइड के पीछे ये वजह तो नहीं?

दुनिया को अलविदा कह चुकी बॉलीवुड अदाकारा जिया खान की जिंदगी में पिछले कुछ दिनों से सबकुछ ठीक नहीं चल रहा था।

जिया की मां राबिया खान ने भी इस बात को माना। आखिर ऐसा क्या हुआ कि जिया ने इतना बड़ा कदम उठा लिया।

जिया केवल अभिनेत्री ही नहीं थी। साहित्य, कला और संगीत से उसका काफी लगाव था। 

जा‌निए जिया खान से जुड़ीं कुछ खास बातें

जिया की रुचि नृत्य में भी थी और वह साल्सा, जैज, कत्थक, बैले, रेगी और बेली डांस जैसी नृत्य शैलियां भी जानती थी।

लेकिन जिया की जिंदगी में पिछले कुछ दिनों से सबकुछ ठीक नहीं चल रहा था। जिया की मां राबिया खान ने भी इस बात को माना।

ऑडीशन ठीक नहीं हुआ था

राबिया खान ने बताया कि, ‘पिछले रविवार को जिया हैदराबाद गई थी। हैदराबाद में उसका ऑडिशन था, उसने ऑडिशन में अच्छा काम नहीं किया।

उसने आने के बाद मुझसे कहा कि मुझे (जिया खान) लगता है कि मेरा करियर खत्म हो रहा है। उसने इंटीरियर डिजाइनिंग का कोर्स करने की भी बात कही थी। 

ऑडिशन के बाद से वो काफी परेशान थी और किसी से भी नहीं मिल रही थी, कल वो अपने एक कजिन से मिली थी।’

जिया खान के कजिन ने कहा कि वो परेशान लग रही थी लेकिन उसका व्यवहार सामान्य था.

पुलिस अभी अभिनेत्री की मां का बयान दर्ज नहीं कर पाई है क्योंकि वह सदमे में हैं। 

वैसे जिया के नजदीकी सूत्र बता रहे हैं कि पिछले कुछ वक्त से जिया निजी वजहों से तनाव और डिप्रेशन में थीं लेकिन फिलहाल पक्के तौर पर इसकी पुष्टि नहीं हुई है कि जिया को आत्महत्या के लिए मजबूर करने के पीछे यही परिस्थितियां जिम्मेदार हैं।

मॉडल और समाजसेवी भी रहीं जिया

फिल्मों के अलावा जिया मॉडलिंग की दुनिया में भी सक्रिय रही। `रैंगलर` जींस का प्रचार करने वाली वह पहली लड़की थी। जिया ताज ग्रुप की ब्रांड अंबैसडर भी थी। इसके अलावा वह पेटा से भी जुड़ी रही। 

जिया ने पतंग उड़ाने में इस्तेमाल होने वाले मंजा पर रोक लगाने के लिए अभियान चलाया। अपने जीवन के थोड़े समय में जिया सामाजिक कार्यों से भी जुड़ी रही। 

सामाजिक संगठनों के लिए धन एकत्र करने और उनकी मदद के लिए वह हमेशा आगे रही।

एक कॉलेज ऐसा, जहां 5 साल से नहीं हुआ कोई पास

ओडिशा में एक कॉलेज ऐसा है जिसके उसके शुरू होने के समय से एक भी विद्यार्थी पास नहीं हुआ है। इस साल भी कॉलेज ने 100 फीसदी फेल होने का अपना रिकॉर्ड बनाए रखा है।

टाईम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक गजपती जिले के जिरांगो कस्बे के जूनियर साइंस कॉलेज में पिछले पांच साल से एक भी स्टूडेंट् पास नहीं हुआ है।

यहां इस साल भी प्लस टू विज्ञान की परीक्षा में कोई स्टूडेंट पास नहीं हुआ।

स्कूल प्रिसिंपल के अनुसार यहां बुनियादी सुविधाओं का अभाव ही ऐसे परीक्षा परिणाम का कारण है। कई बार शिकायत करने पर भी कोई सुधार नहीं हुआ है।

2007 में शुरू हुआ कॉलेज

राज्य सरकार ने वर्ष 2007 में इस कॉलेज की स्थापना की थी। साल 2009 में कॉलेज का पहला बैच शुरू हुआ था। इस साल 27 में से 20 स्टूडेंट्स ने परीक्षा दी, जिसमें से कोई भी पास नहीं हुआ है।

यह कॉलेज अनुसूचित जाति और जनजाति के लिए केंद्र सरकार की मदद से बनाया गया था। 2009 में 14 बच्चों ने इसमें प्रवेश लिया था। अगले साल केवल पांच स्टूडेंट्स ने ही परीक्षा दी।

उसके बाद साल 2011 और 2012 में केवल क्रमश: चार और छह स्टूडेंट्स ने ही परीक्षा दी थी।

बुनियादी सुविधाओं का अभाव

कॉलेज प्रबंधन के मुताबिक ऐसे परीक्षा परीणाम की वजह यहां बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। यहां पर बरहामपुर के खालीकोट जूनियर कॉलेज के दो टीचर हफ्ते में तीन दिन ही बॉटनी और गणित पढ़ाते हैं।

कॉलेज की प्रिंसिपल केसी पढी ने बताया कि यहां केमेस्ट्री, फिजिक्स, जूलॉजी और इंगलिश पढ़ाने के लिए कोई टीचर नहीं है।

इस कॉलेज में बहुत सारे कमरे तो हैं लेकिन

स्टूडेंट्स

के लिए लैबोरेटरी तक नहीं है। यहां पावर और टेलीफोन की सुविधा भी नहीं है।

शिकायत का कोई असर नहीं

गजपति के कलेक्टर बासुदेव भानीपति ने बताया कि उन्होंने कॉलेज में स्थायी अध्यापकों की भर्ती के लिए उच्च शिक्षा विभाग में कई बार अर्जी दी है।

पढी भी बताती हैं कि उन्होंने भी कई बार इस मुद्दे को प्रधानाध्यापकों की सभा में उठाया है लेकिन इस संबंध में कुछ नहीं किया गया है।

03

Jun

टिप्स जिनसे झटपट बनेगा सेक्स का मूड

क्या आपका पार्टनर सेक्स करने से बचता है? क्या आपकी अब सेक्स में रूचि नहीं रही है? क्या आप या आपका पार्टनर सेक्स के दौरान जल्दी थक जाते हैं। क्या आप बहुत जल्दी उत्तेजित नहीं हो पाते? क्या आपका सेक्स करने का मन नहीं करता?

यदि इन सब सवालों के जवाब हां है तो आपको घबराने की जरूरत नहीं, बल्कि जरूरत है अपनी सेक्स एनर्जी बूस्ट करने की। दरअसल आजकल की भागदौड़ की जिंदगी में तनाव को काम के बोझ के तले लोग अपने-आपको समय नहीं दे पाते। अधिक टेंशन के का सीधा आ प्रभाव पड़ता है आपकी सेक्सुअल लाइफ और शरीर पर। यदि आपके साथ भी कुछ ऐसा ही हो रहा है तो आपको घबराने की जरूरत नहीं। बल्कि हम आपको कुछ ऐसे टिप्स बता रहे हैं जिनसे आप अपनी सेक्सुअल एनर्जी बढ़ा सकते हैं और फिट रह सकते हैं।

क्या आपका पार्टनर सेक्स करने से बचता है? क्या आपकी अब सेक्स में रूचि नहीं रही है? क्या आप या आपका पार्टनर सेक्स के दौरान जल्दी थक जाते हैं। क्या आप बहुत जल्दी उत्तेजित नहीं हो पाते? क्या आपका सेक्स करने का मन नहीं करता?

यदि इन सब सवालों के जवाब हां है तो आपको घबराने की जरूरत नहीं, बल्कि जरूरत है अपनी सेक्स एनर्जी बूस्ट करने की। दरअसल आजकल की भागदौड़ की जिंदगी में तनाव को काम के बोझ के तले लोग अपने-आपको समय नहीं दे पाते। अधिक टेंशन के का सीधा आ प्रभाव पड़ता है आपकी सेक्सुअल लाइफ और शरीर पर। यदि आपके साथ भी कुछ ऐसा ही हो रहा है तो आपको घबराने की जरूरत नहीं। बल्कि हम आपको कुछ ऐसे टिप्स बता रहे हैं जिनसे आप अपनी सेक्सुअल एनर्जी बढ़ा सकते हैं और फिट रह सकते हैं।

तनाव से भागने के बजाय उसे समझें

तमाम शोधों में भी इस बात का खुलासा हुआ है कि तनाव का नकारात्मक प्रभाव सेक्सुअ लाइफ पर भी पड़ता है। ऐसे में यदि आप पर किन्हीं कारणों से तनाव अधिक रहता है तो आपको चाहिए कि आप तनाव को नजरअंदाज करने के बजाय तनाव को डील करें और तनाव के कारणों को जानकर उन्हें दूर करने के उपाय करें, बजाय इसके कि आप कोई विकल्प चुनें। आप चाहे तो तनाव से बचने के लिए हेल्दी लाइफ स्टाइल, योगा, मेडीटेशन इत्या‌दि भी कर सकते हैं।

बहुत अधिक ना खाएं

कई बार आपका रोमांस का मूड होता है और एक्साइटमेंट में आप ज्यादा खा लेते हैं तो इससे भी आपकी सेक्स क्षमता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। आपको सेक्स से तकरीबन एकाध घंटे पहले भोजन करना चाहिए लेकिन खाना इतना ना खाएं कि इसे पचाना मुश्किल हो जाए। इसीलिए रोमांटिक मूड को बनाए रखने के लिए खानपान पर विशेष ध्यान दें।

कुछ एक्साइटिंग करें

यदि आपकी सेक्स में रूचि घटती जा रही है या फिर आप ज्यादा कॉन्सन्ट्रेट नहीं कर पाते तो आपको सेक्स से पहले कुछ एक्साइटिंग करना चाहिए। आप चाहे तो अपने पार्टनर के साथ शावर बाथ ले सकते हैं। साथ में शॉवर बाथ लेने से आपका एक्साइटमेंट भी बढ़ेगा और आपके रिश्तों में भी ताजगी आएगी।

पार्टनर का मूड बनाएं

आपका सेक्स करने का मन है लेकिन आपका पार्टनर इसके लिए राजी नहीं है तो आपको पार्टनर का मूड बनाना चाहिए। आपको चाहिए कि आप पार्टनर को प्यार करें। धीरे से किस करें, हल्के से पार्टनर को सहलाना शुरू करें।

डर्टी टॉक करें

यदि आपका पार्टनर सेक्स को बिल्कुल नजरअंदाज करता है तो पार्टनर की सेक्स में रूचि बढ़ाने लिए आपको पार्टनर से डर्टी टॉक करनी चाहिए। आपको चाहिए कि आप पार्टनर से फोनोसेक्स करना शुरू कर दें, सेक्सटिंग करें। इससे आपका पार्टनर आपकी ओर आकर्षित होगा।

सेंशुअस मसाज दें

आपको अपने पार्टनर को सेक्स की ओर आकर्षित करने के लिए आप पार्टनर को सेंशुअस मसाज दें। पार्टनर को हल्के से छुएं। बात-बात पर पार्टनर को गले लगाए किस करें। इससे आपके पार्टनर को अच्छा लगेगा और आपका पार्टनर आपकी ओर आकर्षित हुए बिना नहीं रह पाएगा।

माहौल बनाएं

यदि आप अपने पार्टनर को सेक्स की ओर आकर्षित करना चाहते हैं तो आपको ऐसा माहौल तैयार करना होगा। आप पार्टनर को बिना कुछ कहें रोमांटिक म्यूजिक चला सकते हैं, बेडरूम में हल्की लाल रोशनी कर सकते हैं। कमरे को महका सकते हैं। रूम फ्रेशनर, खुशबूदार परफ्यूम जैसी चीजें रूम में स्प्रे कर सकते हैं।

अपनी फेंटेसी का करें इस्तेमाल

आपने कभी सेक्स फेंटेसी के बारे में सोचा हो लेकिन आप इसे पूरा नहीं कर पा रहें हो तो यह बेहतरीन मौ‌का है। आप पार्टनर को इससे एक्साइटेड भी कर सकते हैं और अलग-अलग प्रयोग का मजा भी ले सकते हैं।

पहल करें

आप अगर हमेशा सोचते हैं कि सेक्स के लिए आपका पार्टनर ही पहल करेगा तो ऐसा ना सोचें। बल्कि आप पहल करें। आप चाहे तो रोमांटिक मूड में पार्टनर को डांस के लिए ऑफर कर सकते हैं। आप चाहे तो पार्टनर के आगे सेक्सी लुक में आ सकते हैं। जिससे पार्टनर आपकी भावनाओं को समझें।

लोगों से अधिक से अधिक मिलें

बेशक आपके पास समय की कमी हो, लेकिन आपको लोगों से अपना मेल-जोल बढ़ाना चाहिए। इससे आपकी इच्छाएं वापिस आएंगी आपमें जीने का और लाइफ को एन्जॉय करने को जोश वापिस आएगा। शोध में भी इस बात का खुलासा हुआ था कि जो लोग बेहद मिलनसार होते हैं वे बेहद रोमांटिक भी होते हैं।

यदि आप इन टिप्स को अपनाएंगे तो आप ना सिर्फ अपने पार्टनर को सेक्स के लिए आकर्षित कर सकते हैं बल्कि पार्टनर की सेक्स के प्रति रूचियों को भी जगा सकते हैं।

तमाम शोधों में भी इस बात का खुलासा हुआ है कि तनाव का नकारात्मक प्रभाव सेक्सुअ लाइफ पर भी पड़ता है। ऐसे में यदि आप पर किन्हीं कारणों से तनाव अधिक रहता है तो आपको चाहिए कि आप तनाव को नजरअंदाज करने के बजाय तनाव को डील करें और तनाव के कारणों को जानकर उन्हें दूर करने के उपाय करें, बजाय इसके कि आप कोई विकल्प चुनें। आप चाहे तो तनाव से बचने के लिए हेल्दी लाइफ स्टाइल, योगा, मेडीटेशन इत्या‌दि भी कर सकते हैं।

बहुत अधिक ना खाएं

कई बार आपका रोमांस का मूड होता है और एक्साइटमेंट में आप ज्यादा खा लेते हैं तो इससे भी आपकी सेक्स क्षमता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। आपको सेक्स से तकरीबन एकाध घंटे पहले भोजन करना चाहिए लेकिन खाना इतना ना खाएं कि इसे पचाना मुश्किल हो जाए। इसीलिए रोमांटिक मूड को बनाए रखने के लिए खानपान पर विशेष ध्यान दें।

यदि आप इन टिप्स को अपनाएंगे तो आप ना सिर्फ अपने पार्टनर को सेक्स के लिए आकर्षित कर सकते हैं बल्कि पार्टनर की सेक्स के प्रति रूचियों को भी जगा सकते हैं।

क्रिकेट में एक और घपला, इस बार संकट में घिरे धोनी!

भारतीय क्रिकेट में रोज उठते नए विवादों में आज एक नया मामला सामने आया है और यह सीधे कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और 3 अन्य क्रिकेटरों से जुड़ा है।

एक ‌बिजनेस आधारित अखबार ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि एक खेल आधारित मार्केटिंग फर्म में कप्तान धोनी ने 15 प्रतिशत हिस्सा खरीदा है। जबकि तीन अन्य भारतीय खिलाड़ियों की भी इसमें भागेदारी है।

यह फर्म चार भारतीय खिलाड़ियों आरपी सिंह, सुरेश रैना, रविंद्र जडेजा और प्रज्ञान ओझा के प्रायोजन मामलों को देखती है। समझा जाता है कि रिति स्पोर्ट्स चेन्नई सुपर किंग्स की मार्केटिंग भी करती है।

हालांकि खबर प्रकाशित होने के बाद रिति स्पोटर्स ने प्रेस नोट जारी कर बताया कि धोनी की अब इस कंपनी में कोई साझेदारी नहीं ह‌ै। पहले उनके पास कंपनी के शेयर थे। लेकिन धोनी ने इसी साल 26 अप्रैल को अपनी हिस्सेदारी खत्म कर ली थी। कंपनी ने उन्हें 22 मार्च 2013 को शेयर दिए थे। 

रिति स्पोटर्स नाम की स्पोटर्स फर्म में धोनी के अलावा सुरेश रैना, रवींद्र जडेजा और प्रज्ञान ओझा की भी साझेदारी है। इन चार खिलाड़ियों में रैना और जडेजा धोनी की आईपीएल टीम चेन्नई सुपर किंग्स में भी शामिल हैं। 

ऐसे में भारतीय कप्तान के इस फर्म में हिस्सेदारी खरीदे जाने के बाद हितों के टकराव को लेकर सवाल उठ खड़े हुए हैं। हालांकि इस मामले में धोनी की कोई प्रतिक्रिया नहीं है लेकिन आरपी सिंह ने ट्विटर पर इस कंपनी से जुड़े रहने की खबरों का खंडन किया। धोनी इस समय इंग्लैंड में आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी के लिए भारतीय चुनौती का दारोमदार संभाल रहे हैं।

अरुण पांडे रहिती स्पोटर्स के मालिक हैं जो कि धोनी के पक्के दोस्त भी हैं। खबरों के अनुसार 2010 में धोनी ने रहिती स्पोटर्स के साथ 210 करोड़ का करार किया था जिसके हिसाब से हर साल औसतन 70 करोड़ रुपये धोनी को मिलते। यह करार भारतीय क्रिकेट में सबसे महंगे करारों में से एक है।

रिपोर्ट के अनुसार, टीम इंडिया और आईपीएल में फ्रेंचाइजी टीम चेन्‍नई सुपर किंग्स के कप्तान धोनी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। धोनी राष्ट्रीय टीम के कप्‍तान हैं और टीम की चयन प्रक्रिया में उनकी भी सहमति ली जाती है। साथ ही, वह इंडिया सीमेंट में वाइस प्रेसिडेंट भी हैं जो चेन्‍नई सुपर किंग्स टीम की मालिक भी है।